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Common Activities / Events of Malwanchal University

Workshop on Fundamentals of Intellectual Property Rights

17th June, 2022

मालवांचल यूनिवर्सिटी में बौद्धिक संपदा पर व्याख्यान
आपके की सोच पर आपका अधिकार

- डॉ.गौरव चौबे इंडेक्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स विद्यार्थियों को बताए बौद्धिक संपदा के अधिकार

मालवांचल यूनिवर्सिटी द्वारा 17 जून को बौद्धिक संपदा अधिकार पर कार्यशाला हुई। इसमें मुख्य वक्ता आईआईटी खड्गपुर के एल्युमिनाई डॉ.गौरव चौबे थे। इंडेक्स समूह के विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों को ट्रेडमार्क,पेटेंट और विश्व व्यापार संगठन, रिसर्च से जुड़े मुद्दों पर जानकारी दी । डॅा.गौरव चौबे ने कहा कि किसी व्यक्ति समूह की कोई खोज या सोच जो समाज के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है बौद्धिक संपदा यानी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कहलाती है। इस संपदा की सुरक्षा करने के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स कहलाते है। अधिकार किसी देश के भीतर वैधानिक प्रक्रिया द्वारा निश्चित समयावधि व शर्तों के साथ दिए जाते है। इसमं कॅापीराइट,ट्रेडमार्क,ट्रेड सीक्रेट, इंडस्ट्रीयल डिजाइन और पेटेंट आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि विदेश हो या प्रदेश हर जगह की अपनी खूबियां और सोच होती है। इसमें कॅापीराइट में अधिकारों में जहां किताब,फिल्म संगीत आदि क्षेत्र होती है। इसमें 60 वर्षं तक अधिकार दिए जाते है। इसमें व्यक्ति की अनुमति के बिना आप उससे द्वारा बनाई वस्तु या सोच का इस्तेमाल नहीं कर सकते है।ट्रेडमार्क किसी सेवा संस्था या उत्पाद के नाम पर दिाया जाता है। इसमें जैसे कोई कोल्ड्रिंक्स कंपनी है तो उसकी लिखावट ट्रेडमार्क अधिकार के तहत सुरक्षित है कोई कंपनी उसका उपयोग नहीं कर सकती है। इस अवसर पर मालवांचल यूनिवर्सिटी के कुलपति एन के त्रिपाठी,प्रो.चासंलर डॅा.संजीव नारंग,प्रो.वाइस चासंलर डॅा.रामगुलाम राजदान,रजिस्ट्रार डॅा.एम क्रिस्टोफर,डीन डॅा.जीएस पटेल,डॅा.सतीश करदींकर,डॅा. स्मृति जी सोलोमन, डॅा.सुधा श्रीवास्तव,डॅा.एसएम होलकर,डॅा.रेशमा खुराना, डॅा पी न्याती,डॅा.जावेद खान उपस्थित थे।

मेडिकल और रिसर्च में पेटेंट सबसे जरूरी
उन्होंने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले उपकरण भी बौद्धिक संपदा के अंतर्गत आते है। इसमें छोटे और बड़े उत्पाद अलग अलग कानून के तहत संरक्षित है। पेटेंट मेडिकल और रिसर्च क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण होता है इसमें आपकी सोच और अविष्कार पर दिया जाने वाला अधिकार होता है। पेटेंट किसी देश में निश्चिच सीमा समय के लिए दिया जाता है। इसमें खोज करने वाले व्यक्ति या रिसर्चर की अनुमति के बिना आप 20 वर्ष की अवधि में इसका उपयोग नहीं कर सकते है। भारत में पेटेंट अधिनियम 1970 से संचालित होती है। इसी तरह किसी खास प्रोडक्ट के लिए आजकल ट्रेड सीक्रेट भी होते है। यह उस प्रोडक्ट के विशेष गुण के लिए दिए जाते है। इंडस्ट्रीयल डिजाइन में यदि कोई मोबाइल फोन कंपनी जैसे एप्पल का आईफोन होम बटन यह सब इंडस्ट्रीयल डिजाइन में सरंक्षित होते है। स्मार्टफोन की कोई अन्य कंपनी इसका उपयोग नहीं कर सकती है।


The Vice Chancellor, Shri N K Tripathi, IPS presented his book ‘My Empire In Social Media’ to the Chaiman, Shri Suresh Bhadoria.

25th June, 2022

The Vice Chancellor, Shri N K Tripathi, IPS is presenting his book ‘My Empire In Social Media’ to the Chaiman, Shri Suresh Bhadoria. Present on this occasion were Deans/Principals, Registrar and other university’s authorities and faculty members.


Participation of Malwanchal University in Start up conclave at Brilliant Convention centre. Indore 2022

13th May, 2022

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